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विभाग के कम्प्यूटरीकरण प्रोजेक्ट के सारगर्भित नाम के लिए प्रतियोगिता

मध्यप्रदेश की कुल आबादी का लगभग 21 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वर्ग से ...

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Last Date- Mar 01,2018 05:57 AM IST (GMT +5.30 Hrs)

मध्यप्रदेश की कुल आबादी का लगभग 21 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वर्ग से है। मध्यप्रदेश शासन अनुसूचित जाति के नागरिकों के कल्याण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा निरंतर इस दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। इन प्रयासों में अनुसूचित जनजाति वर्ग का विकास एवं हित संरक्षण का दायित्व भी शामिल है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति के नागरिकों के शैक्षणिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए भी निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति के पिछडे क्षेत्रों का विकास करना एवं उनको मुख्य धारा में लाना विभाग का प्रमुख कार्य है।
काफी व्यापक और बड़ा विभाग होने के कारण अनेकों प्रकार की योजनाओं के संचालन का काम विभाग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है।

वर्तमान में विभाग की कार्यशैली एवं प्रक्रिया परंपरागत ऑफलाइन तरीके से संचालित हो रही है। योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता लाने हेतु यह आवश्यक है कि विभाग की संपूर्ण योजनाओं एवं प्रक्रियाओं का कम्प्यूटरीकरण कर ऑनलाइन बनाया जाए। जिससे कम समय में लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे एवं योजनाओं की मॉनिटरिंग इत्यादि के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जा सके। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की योजनाओं एवं प्रक्रियाओं का कम्प्यूटरीकरण परियोजना प्रारंभ की गयी है ।

जनजातीय कार्य विभाग, नागरिकों से विभाग के कम्प्यूटरीकरण परियोजना के लिए एक संक्षिप्त (ACRONYM) में छोटा और रचनात्मक नाम चाहता है। नाम विभाग और परियोजना के उद्देश्यों को प्रकट करने वाला होना चाहिए।

विभाग द्वारा श्रेष्ठ चयनित प्रविष्टि के लिए 5,000 रूपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

प्रविष्टियाँ जमा करने की आखिरी तारीख- 28 फरवरी, 2018

प्रतियोगिता शर्तें :
• देश का कोई भी नागरिक इसमें सहभागिता कर सकता है।
• विभाग का संक्षिप्त (Acronym) रूप हिंदी में होना चाहिए, वहीँ पूरा नाम हिंदी या अंग्रेजी दोनों में से किसी भी भाषा में हो सकता है।
• प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए कोई शुल्क नहीं है।
• प्रविष्टि को उसके लॉग-इन विवरण के आधार पर ही प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा।
• निर्धारित तिथि के बाद प्रविष्टियाँ स्वीकार नहीं की जाएँगी।
• श्रेष्ठ प्रविष्टि का चयन विभाग के निर्णायक मंडल के द्वारा किया जायेगा।
• परिणाम की सूचना सोशल मीडिया अथवा मेल द्वारा प्रदान की जाएगी।
• अंतिम निर्णय आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग का ही होगा।

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